गोनूक ढ़ाकी
✍ गोनू झा
जहिना गोनूक नाम तहिना हुनक आ हुनक भायक बीच भेल बँटवारा । गोनूक बढ़ैत प्रतिष्ठा सँ हुनक भाय बड़ जरथि आ सगरो दुष्प्रचार करथि जे भाय हमरा संग...
विद्यापति केर अमर पद सँ लऽ कऽ आधुनिक कथा, कविता, लोकगाथा आ बाल-साहित्य केर प्रामाणिक डिजिटल संग्रह।
एहि विधाक सम्पूर्ण ग्रन्थ ओ संकलन:
✍ गोनू झा
जहिना गोनूक नाम तहिना हुनक आ हुनक भायक बीच भेल बँटवारा । गोनूक बढ़ैत प्रतिष्ठा सँ हुनक भाय बड़ जरथि आ सगरो दुष्प्रचार करथि जे भाय हमरा संग...
✍ गोनू झा
गोनू झा खेती-पथारी सँ कम्मे मतलब राखथि । अधिकांश समय राज दरबार मे बीतैन । तथापि जे किछु पुरखा लोकनिक छोड़ल खेत रहनि ताहि पर खेती-बाड़ी...
✍ गोनू झा
मिथिला दरबार में गोनू झा की धूम मची रहती थी जिससे राम खेलावन मिश्र उर्फ मिसिर जी बहुत खीजे रहते थे। राम खेलावन यानी मिसिर जी की चलती तो...
✍ गोनू झा
ये कहानी गोनू झा के गांव की है। उनके गांव में भी बहुत बड़े वाले रहिते थे। कई लोग उनकी चालाकी से जलते थे, मगर मुंह पर उनके ‘पंखे’ बने...
✍ गोनू झा
गोनू झा की शादी हुई । मिथिलांचल में ब्राह्मणों के विवाह का आनन्द ही कुछ और है । ऐसे भी रामायण काल से ही मिथिला को प्रेम की नगरी की...
✍ गोनू झा
मिथिला के लोग पाक-कला में निपुण होते हैं । तीज -त्योहारों पर तो प्रायः हर घर में तरह- तरह के पकवान बनते हैं । आम दिनों का भोजन भी...
✍ गोनू झा
बात उन दिनों की है जब गोनू झा मिथिला नरेश के दरबारी नहीं थे। उनके दिन अभाव में गुजर रहे थे। उनके साथ उनका छोटा भाई भी था । दोनों के लिए...
✍ गोनू झा
खेत भी तरह-तरह के होते हैं । सब कुछ मिट्टी पर निर्भर है कि किस खेत का क्या नाम होगा और किस तरह की मिट्टी वाले खेत को क्या कहेंगे। गोनू...
मिथिलाक वन प्रान्तक नीतिपरक बाल-लोककथा, जाहिमे दुर्बल प्राणी बुद्धि बलेँ बलवान पर विजय प्राप्त करैत अछि...
भाई-बहिनक अगाध स्नेहक पावन पर्व सामा-चकेवाक पौराणिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि...
✍ गोनू झा (1420)
गोनू झाक बुद्धिमत्ता सँ चोर सभ किना स्वयं अपन जालमे फँसलाह, मिथिलाक प्रसिद्ध मनोरंजक लोककथा...