चर्चरी : 11. अलंकार-शिक्षा
भोलबाबा नोसि बनबैत रहथि । हमरा देखि पुछलन्हि - की हौ, कतय चललह अछि ? हम कहलिऎन्ह - अपनेक ओहिठाम किछु अलंकारक ज्ञान प्राप्त करय आएल छी । भोलबाबा एक क्षण गुम्म भऽ गेलाह । पुनः गम्भीरतापूर्वक बजलाह - तखन आङन चलह । हमरा थकमकाइत देखि कहलथिन्ह - एहि ठाम...