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"पाहुन" लेल 18 परिणाम भेटल:

साहित्य (Literature) NOVEL ✓ मूल मैथिली

कन्यादान : अध्याय 6 - मिस्टर सी० सी० मिश्रा

रचयिता: हरिमोहन झा • उपन्यास

गाड़ी छुटि गेला उत्तर बुचकुन चौधरी जाड़ तथा क्रोध क वेग सॅं थरथर काँपय लगलाह । गंगाजी क प्रति जे भक्ति छलैन्ह से विरक्ति क रूप मे परिणत भय गेलैन्ह । डाड़ मे अङ्गपोछा लपेटि भीजल धोती गाड़ैत-गाड़ैत बाजय लगलाह - आब कलियुग क गंगा मे कोनो टा महत्व नहि रहल ।...

विषय / टैग: #हास्य-व्यंग्य #हरिमोहन झा #उपन्यास #कन्यादान
साहित्य (Literature) NOVEL ✓ मूल मैथिली

कन्यादान : अध्याय 4 - जहाज पर क गप्पशप्प

रचयिता: हरिमोहन झा • उपन्यास

संध्या क समय अछि । सूर्य भगवान रुसल जमाय जकाँ मुँह विधुऔने प्रस्थान कय रहल छथि । गङ्गाजी क हिलकोर देखि भान होइछ जेना जमाय क रुसला सॅं गोटेक छोहगरि सासु क छाती दलमलित भय रहल हो। एतबहि मे एकटा स्टीमर शंखनाद करैत महेन्द्रू घाट दिशि अबैत दृष्टि गोचर...

विषय / टैग: #हास्य-व्यंग्य #हरिमोहन झा #उपन्यास #कन्यादान
साहित्य (Literature) STORY ✓ मूल मैथिली

खट्टर काकाक तरंग

रचयिता: हरिमोहन झा • कथा

खट्टर काका अपन दालान पर गद्दा पर बैसकऽ पानक बीड़ा मुँहमे दैत कहलन्हि— 'हे बौआ! दुनियाक सब दर्शन एक दिस, आ मिथिलाक दही-चूड़ा एक दिस!'

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