चर्चरी : 18. दलानपरक गप्प
ओहि दिन लालककाक दलानपर गप्प जमि गेल। हुनका ओहिठाम चतुर्थीक हकार पूरय लोक आएल रहय। चानन-काजर होइत रहैक। ताही बीचमे पहुँचि गेलाह भोलबाबा ।...
विद्यापति केर अमर पद सँ लऽ कऽ आधुनिक कथा, कविता, लोकगाथा आ बाल-साहित्य केर प्रामाणिक डिजिटल संग्रह।
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ओहि दिन लालककाक दलानपर गप्प जमि गेल। हुनका ओहिठाम चतुर्थीक हकार पूरय लोक आएल रहय। चानन-काजर होइत रहैक। ताही बीचमे पहुँचि गेलाह भोलबाबा ।...
मुंशी नौरंगीलालकें शुरूएसॅं जासूसी उपन्यास पढबाक शौक रहैन्ह। चन्द्रकान्ता, भूतनाथ, मायामहल, पढैत-पढैत हुनको जासूस सनक सवार भऽ गेलैन्ह।...
ओहि दिन जनताक कल्याणपर विचार करबाक हेतु एक उच्चस्तरीय समिति बैसल छ्ल। दूर-दूरसॅं सदस्यगण आयल छलाह। एक सज्जन बजलाह-सभ अनर्थक जड़ि थिक ई...
✍ गोनू झा
गोनू वृद्ध हो चले थे। महाराज के दरबार में वे एक हस्ती बन चुके थे। एक दिन महाराज ने अपने पिता की पुण्य तिथि पर एक आयोजन किया । बृहद आयोजन...
✍ हरिमोहन झा (1943)
विश्वविद्यालयक सभा-भवन आइ बिजलीक प्रकाश सॅं जगमगा रहल अछि। कारण जे भिन्न- भिन्न विद्यालयक छात्र-छात्रागण विवाद प्रतियोगिता मे भाग लेबक...
-"हे औ पाहुन! देखू, फेर हमरा दस पड़ल। आब अहाँक गोटी कटा गेल।" -"ए तित्तिर दाइ! कन्ना नहि करू। अहाँकें दू खुदरा पड़ल अछि।" -"नहि! दस पड़ल...
गाड़ी तीव्र गतिसॅं जा रहल छल। 'एयरकंडीशन' क तीन गद्दापर तीन जोड़ दंपति विराजमान छलाह-बंगाल, पंजाब आ केरलक, जेना त्रिभुजक तीन विंदु। रातुक...
बहुत दिनपर परदेशसॅं चल अबैत रही। घरक हाल-चाल बुझना सात वर्ष भऽ गेल रहय। बुझितहुँ कोना? चिट्ठी-पत्री होइत तखन ने? परन्तु हम त रूसल रही।...
वैद्यनाथधामसॅं गाम अबैत रही। ओहि डिब्बामे एक बंगाली सज्जनक परिवार छलैन्ह। बंगाली बाबू, हुनक स्त्री, एक युवती कन्या तथा एक स्तनन्धय शिशु।...
भगीरथ बाबा जखन बूढ भऽ गेलाह त सातो बेटा उकछि गेलथिन्ह। एही बेटाक खातरि भगीरथ बाबा कामरु ढोयने रहथि, सालो-साल अजगैबीनाथसॅं गंगाजल बोझि...
✍ हरिमोहन झा (1948)
एम्हर एकदिन खट्टर कका सॅं भेट भेल छल । पुछलिऎन्ह- खट्टर कका प्रशन्न छी ? बजलाह- प्रशन्न की रहब ? सन्न छी । अपना देशक हालति देखिकऽ ।...
✍ गोनू झा
बात उन दिनों की है जब गोनू झा राजदरबार में नियुक्त नहीं हुए थे। तब वह गांव में खेती-बाड़ी करते थे और उनकी आर्थिक स्थिति कुछ खास नहीं थी।...