कन्यादान : अध्याय 9 - कौतुक
✍ हरिमोहन झा (1930)
मिस्टर सी० सी० मिश्रा पड़ल-पड़ल भावी पत्नी क रंग-विरंगी काल्पनिक चित्र खिचबा मे तन्मय भेल छलाह । एहि बीच मे रेवतीरमण पहुँचि कहल्थिन्ह -...
विद्यापति केर अमर पद सँ लऽ कऽ आधुनिक कथा, कविता, लोकगाथा आ बाल-साहित्य केर प्रामाणिक डिजिटल संग्रह।
कालजयी उपन्यास, व्यंग्य ग्रन्थावली आ लोककथा श्रृंखला सभ अध्यायवार उपलब्ध अछि:
✍ हरिमोहन झा (1930)
मिस्टर सी० सी० मिश्रा पड़ल-पड़ल भावी पत्नी क रंग-विरंगी काल्पनिक चित्र खिचबा मे तन्मय भेल छलाह । एहि बीच मे रेवतीरमण पहुँचि कहल्थिन्ह -...
✍ हरिमोहन झा (1948)
ओहि दिन खट्टर कका सॅं पुरातन सभ्य्ता पर गप्प छिड़ि गेल । हम कहलिऎन्ह – देखू, खट्टर कका, ताहि दिनक ऋषि-मुनि केहन त्यागपूर्ण जीवन व्यतीत...
✍ हरिमोहन झा (1930)
- हॅ ऎ बहिना । यैह त कठिन भऽ गेलैक अछि। जहां वर भारी 'गिलास' मे अङ्ग्रेजी पढि जाइत छैक, तहां वर क बाप हजार सॅं नीचा पर गप्पे नहि करैत...
भोलबाबा नोसि बनबैत रहथि । हमरा देखि पुछलन्हि - की हौ, कतय चललह अछि ? हम कहलिऎन्ह - अपनेक ओहिठाम किछु अलंकारक ज्ञान प्राप्त करय आएल छी ।...
एक दिन ब्रह्मा मनुष्यक मूर्त्ति गढैत रहथि। ताही बीचमे की फुरलैन्ह जे भाङ पीबि लेलन्हि। भाङ रहैक तेज। तुरन्त नशा चढि गेलैन्ह। जेना शिवजी...
मकुनाही पोखरिपर लूटन मिसर वैद्यकेँ मुँह धोइत देखि काशीनाथ कहलथिन्ह- वैद्यजी, एकटा नव गप्प सुनलिऎक अछि? वैद्यजी साकांक्ष होइत पुछलथिन्ह-...
श्रीमान् सम्पादक जी, अत्र कुशलं, तत्रास्तु। आगाँ सुरति जे अपनेक पत्र भेटल। परंच लेख की पठाउ से फुरितहि ने अछि। नहि जानि कोन लग्नमे ई...
(१) आइसॅं पचास वर्षक बाद। सौराष्ट्रमे सामुदायिक विवाह यज्ञ भऽ रहल अछि। समावर्त्तन भोज्यक अनन्तर पंचमन्दिरक प्रांगणमे सभा बैसल अछि।...
ओहि दिन भयंकर झपसी लधने रहय। यारकका घूरपर बैसल लोक आगि तपैत रहय। बीच-बीचमे तेहन पुरबैयाक झटक उठैक जे लोक सिहरि उठय। काशीनाथ बजलाह-एहने...
ओहि देन सायंकाल चाय पिबैत रही कि ताहि बीचमे नौकर एक टा 'विजिटिंग कार्ड' दऽ गेल। ओहिपर अंग्रेजी अक्षरमे लिखल छलैक- 'जा जारगंडी,...
ओहि दिन भोज खा कऽ लोक फिरल चल अबैत रहय कि मकुनाही पोखरि लग वर्षा झहरय लगलैक। लोक पड़ा कऽ ब्रह्मथान तर आबि बैसल। मड़ैयामे बड़का सौंफ पसरल...
एक बेर कलकत्तामे जे दृश्य देखल से औखन आँखिमे नाचि रहल अछि। बोटेनिकल गार्डनमे गेल रही। विशाल वटवृक्षकेँ देखि मनमे एक भावना उठल। एके...