अथ श्रीबैल कथा
✍ गोनू झा
"अरे वाह, पंडित जी ! बहुत शानदार बैल लिए जा रहे हैं ! कितने में मिला ?" गोनू झा अभी पशु मेले से निकले ही थे कि एक व्यक्ति ने उनसे पूछा ।...
विद्यापति केर अमर पद सँ लऽ कऽ आधुनिक कथा, कविता, लोकगाथा आ बाल-साहित्य केर प्रामाणिक डिजिटल संग्रह।
कालजयी उपन्यास, व्यंग्य ग्रन्थावली आ लोककथा श्रृंखला सभ अध्यायवार उपलब्ध अछि:
✍ गोनू झा
"अरे वाह, पंडित जी ! बहुत शानदार बैल लिए जा रहे हैं ! कितने में मिला ?" गोनू झा अभी पशु मेले से निकले ही थे कि एक व्यक्ति ने उनसे पूछा ।...
महामहोपाध्याय पं. धुरन्धर शास्त्री धर्मशास्त्रक कट्टर अनुयायी छलाह। ओ सभ कार्य स्मृतिक अनुसारे करैत छलाह। षट्कर्मी तेहन, जे जारनो कैं...
एक बेरि लहेरियासराय में कपड़ाक दोकान पर जे दृश्य देखल से एखनो धरि सिनेमाक दृश्य जकाँ आँखिमे नाचि रहल अछि। हम कुर्ताक कपड़ा लैत रही । ताबत...
मधुकान्त बाबू जखन कालेज मे नाम लिखौलन्हि त शौक भेलैन्ह जे सूट बनबाबी। जखन सूट बनबौलन्हि त शौक भेलैन्ह जे ई पहिरि कऽ सासुर जाइ। अतएव फगुआ...
संसार मे दू वस्तु सॅं बचबाक उपाय नहि । एक यमदूत सॅं , दोसर बीमा कम्पनीक एजेंट सॅं ! यमदूत त जीवन मे एके बेर दर्शन दैत छथिन्ह , किन्तु...
बर्तुहारीक प्रसंग मे बहुतो तरहक अनुभव लोक कैं प्राप्त भऽ जाइत छैक । एक ठाम हमरो तेहन भयंकर सत्कार भेल जे स्मरण कय औखन देह सिहरि उठैत...
जखन पं० जी कैं निमंत्रण-पत्र भेटलैन्ह त आङन मे पंडिताइन कैं कहलथिन्ह - एहि कागतक अर्थ छैक केहुनिया खाजा, डेढ़सेरा मुङवा.............
✍ गोनू झा
गोनू रहथि विद्वान लोक । ओ कखनो अंधविश्वास आ कि देवता-पितरक कबुला-पाती मे विश्वास नहि राखथि आ तें जन-सामान्य जकाँ देवता-पितर कें कोनो...
सरस्वती दाइ अत्यन्त संस्कारिणी ओ चमत्कारिणी छलीह । दुर्गा ओ गीता पाठ करयवाली । बजबाक चमत्कार तेहन जे अरिकोंच कैं 'अरिकंचन' कहैत छलीह,...
भादवक राति। साँझेसॅं जे झपसी लधलक से क्रमशः बढिते गेल। जखन एगारह बजे रोशनी मिझा गेलैक त समस्त होस्टल अन्हार कुप्प भऽ गेल। चारू कात...
कविजी मे तीन टा विलक्षण गुण छलैन्ह। ओ अत्यन्त भावुक छलाह। एतेक भावुक, जे कल्पित नायिकाक व्यथा सॅं आँखि मे नोर भरि अबैत छलैन्ह। दोसर, जे...
गाम मे दू टा ज्योतिषी रहथि। एक फोंचाइ झा, दोसर खट्टर झा। दुहू ज्योतिषी अगाध विद्वान। परन्तु दुहू मे अश्वमाहिष्य योग लागल रहैन्ह। एक ईर...