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मैथिली डिजिटल पुस्तकालय

विद्यापति केर अमर पद सँ लऽ कऽ आधुनिक कथा, कविता, लोकगाथा आ बाल-साहित्य केर प्रामाणिक डिजिटल संग्रह।

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📚 प्रमुख मैथिली ग्रन्थ व उपन्यास संग्रह (Featured Books & Collections)

कालजयी उपन्यास, व्यंग्य ग्रन्थावली आ लोककथा श्रृंखला सभ अध्यायवार उपलब्ध अछि:

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कथा संग्रह 📖 29 अध्याय

खट्टर ककाक तरंग

✍ हरिमोहन झा (1948)

मैथिली साहित्यक कालजयी व्यंग्य रचना। खट्टर ककाक पाण्डित्यपूर्ण, तार्किक आ हास्यरस सँ परिपूर्ण संवाद जाहिमे पुरातन रूढ़ि, पाखण्ड आ सामाजिक विडम्बना पर तीक्ष्ण कटाक्ष कएल गेल अछि।

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उपन्यास (Novel) 📖 12 अध्याय

कन्यादान

✍ हरिमोहन झा (1930)

मैथिली भाषाक प्रथम अत्यंत लोकप्रिय आधुनिक उपन्यास। मिथिलाक वैवाहिक रीति-नीति, अनमेल विवाह, अशिक्षा आ आधुनिकताक द्वन्द्वक सजीव एवं मार्मिक चित्रण।

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उपन्यास (Novel) 📖 12 अध्याय

द्विरागमन

✍ हरिमोहन झा (1943)

'कन्यादान' उपन्यासक बहुप्रतीक्षित उत्तर-भाग (सीक्वल)। सी० सी० मिश्र आ बुच्ची दाइक द्विरागमन उपरान्तक दाम्पत्य, सामाजिक सुधार आ हास्य-परिहासक कथा।

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लोकगाथा 📖 69 अध्याय

गोनू झाक हास्य लोकगाथा

✍ गोनू झा

मिथिलाक प्रसिद्ध विदूषक गोनू झा केर बुद्धि, चतुराई, हाजिरजवाबी आ नीतिपरक मनोरंजक लोककथा संग्रह।

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रचना सूची (Individual Works & Chapters)

कुल 186 रचना
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⏱ 15 मिनट पाठ
📖 खट्टर ककाक तरंग • अध्याय 4

खट्टर ककाक तरंग : 4. आयुर्वेद

✍ हरिमोहन झा (1948)

खट्टर कका भाङ्ग धोइत रहथि। हमरा संग एक व्यक्ति कैं देखि पुछ्लथिन्ह - ई के थिकाह ? हम कहलिएन्ह - ई थिकाह वैद्यजी । खट्टर कका हुनका हाथ...

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⏱ 8 मिनट पाठ
📖 खट्टर ककाक तरंग • अध्याय 29

खट्टर ककाक तरंग : 29. खट्टर कका सॅं भेट

✍ हरिमोहन झा (1948)

खट्टर कका इनारक सब्जी पर बैसल कुरुड़ करैत रहथि । हम कहलिएन्ह - खट्टर कका ! अहाँक नाम तऽ दूर-दूर धरि प्रख्यात भऽ गेल । खट्टर कका बजलाह -...

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⏱ 19 मिनट पाठ
📖 खट्टर ककाक तरंग • अध्याय 14

खट्टर ककाक तरंग : 14. प्राचीन आदर्श

✍ हरिमोहन झा (1948)

खट्टर कका हमरा हाथ में मोटगर पुस्तक देखि पुछलन्हि - हौ, ई की थिकैक ? हम कहलिऎन्ह - आदर्श चरितावली । खट्टर कका उनटबैत-पुनटबैत बजलाह – ई...

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⏱ 5 मिनट पाठ

आतिशबाजी का सामान

✍ गोनू झा

मिथिला नरेश का दरबार लगा हुआ था । सभा में गोनू झा भी उपस्थित थे। एक व्यक्ति एक छोटे संदूक के साथ दरबार में आया तथा उसने महाराज से बताया...

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⏱ 22 मिनट पाठ
📖 खट्टर ककाक तरंग • अध्याय 26

खट्टर ककाक तरंग : 26. दर्शन शास्त्र क रहस्य

✍ हरिमोहन झा (1948)

खट्टर कका भाङक नशा में बुत्त रहथि । हमरा हाथ में ग्रन्थ देखि पुछलन्हि- ई की थिकौह ? हम कहलिऎन्ह - दर्शन शास्त्र । खट्टर कका मुस्कुरा...

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⏱ 15 मिनट पाठ
📖 खट्टर ककाक तरंग • अध्याय 5

खट्टर ककाक तरंग : 5. रामायण

✍ हरिमोहन झा (1948)

खट्टर कका रामनवमी क हेतु फलाहार क ओरिआओन करैत रहथि। हम पुछलिऎन्ह - आइ पुरना पोखरि पर रामलीला छैक। चलब कि ने ? खट्टर कका बजलाह – तोरा...

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⏱ 28 मिनट पाठ

भाई को सीख

✍ गोनू झा

“देख भोनू ! मैं तुम्हारा बड़ा भाई हूँ । तुम्हारा भला ही सोचूँगा। यह घर हमारा है हम लोगों का है । घर की बात घर में रहने दे।... तुम्हें हो...

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⏱ 9 मिनट पाठ
📖 खट्टर ककाक तरंग • अध्याय 3

खट्टर ककाक तरंग : 3. माछक महत्व

✍ हरिमोहन झा (1948)

ओहि दिन माछ पर शास्त्रार्थ बजरि गेल। बात भैलैक जे खट्टर कका पोखरि सॅं स्नान कैने चल अबैत रहथि। हम पुछलिऎन्ह - की खट्टर कका, माछ खाइ ?...

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📖 खट्टर ककाक तरंग • अध्याय 16

खट्टर ककाक तरंग : 16. चन्द्र-ग्रहण

✍ हरिमोहन झा (1948)

ओहि राति चन्द्र-ग्रहण लागल रहैक । सौंसे गामक लोक उमड़ि कऽ बड़का पोखरि में स्नान करैत छल । ओम्हर खट्टर कका अपना दलान में बैसल घूर तपैत रहथि...

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⏱ 20 मिनट पाठ
📖 खट्टर ककाक तरंग • अध्याय 24

खट्टर ककाक तरंग : 24. काव्य क रस

✍ हरिमोहन झा (1948)

ओहिदिन खट्टर कका खाट घोरैत रहथि । हमरा संग में एक व्यक्ति कैं देखि कऽ बजलाह – हौ, ई झुल्फी बला के छथिन्ह ? हम कहलिऎन्ह – ई कवि छथि । हमर...

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⏱ 4 मिनट पाठ

गुलाबक सुगन्ध

✍ गोनू झा

मिथिला के हर घर के आँगन में बेला, चमेली, कचनार, जूही, कनक, कटेली चंपा, रातरानी सन फूल के पौधा भेटे जायत। एक दिन मिथिलाक राजा अपन...

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शुद्ध मिठाई का भोज

✍ गोनू झा

गोनू झा अपनी माँ से बहुत प्यार करते थे। उनकी माँ बहुत वृद्ध हो चुकी थीं । एक दिन उनकी माँ बीमार पड़ीं । वैद्य आए। उन्हें देखा। दवा दी ।...

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