खट्टर ककाक तरंग : 11. देवताक चरित्र
✍ हरिमोहन झा (1948)
खट्टर कका भाङ पिउने बुत्त रहथि। हमरा हाथ मे लोटा देखि पुछलन्हि- आइ भोरे-भोर कहाँ चललाह अछि ? हम - आइ शिवरात्रि थिकैक । महादेव पर जल ढारय...
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एहि विधाक सम्पूर्ण ग्रन्थ ओ संकलन:
✍ हरिमोहन झा (1948)
खट्टर कका भाङ पिउने बुत्त रहथि। हमरा हाथ मे लोटा देखि पुछलन्हि- आइ भोरे-भोर कहाँ चललाह अछि ? हम - आइ शिवरात्रि थिकैक । महादेव पर जल ढारय...
✍ हरिमोहन झा (1948)
ओहि दिन भुसकौलक बहिरु पंडित कैं खट्टर कका सॅं भिड़न्त भऽ गेलैन्ह । बात ई भेलैक जे पंडितजी छीतनबाबूक ओहि ठाम श्राद्धक नेओत पूरय आयल रहथि ।...
✍ हरिमोहन झा (1948)
खट्टर कका कोल्हुआड़ में रस पेरबैत रहथि । हमरा देखि बजलाह - आबह, आबह । तोंहू एक गिलास पीबि लैह । शीतल भऽ जैबह । हम कहलिऎन्ह - खट्टर कका,...
✍ हरिमोहन झा (1948)
ओहिदिन खट्टर कका मखानक लावा फॅंकैत रहथि। हमरा हाथ में लेख देखि पुछलन्हि- ई की थिकौह ? हम कहलिऎन्ह- मिथिला क संस्कृति पर एकटा निबंध तैयार...
✍ हरिमोहन झा (1948)
खट्टर कका विजया क नशा में मस्त रहथि । आंँखि लाल रहैन्ह । हमरा दुर्गापाठ करैत बजलाह – तोरा लोकनि पाठ की करैत छह, ‘तुफान मेल' छोड़ै त छह ।...
✍ हरिमोहन झा (1948)
खट्टर कका आङ्गन में भोजन करैत रहथि । हमरा देखि बजलाह - आबह आबह । तोंहू बैसह । हम कहलिऎन्ह - खट्टर कका, हम तुरंत भोजन कैने छी । एकटा...
✍ हरिमोहन झा (1948)
हम प्रातःकाल क श्लोक पढैत चल अबैत रही - आकि बाटे में भेटलाह खट्टर कका। बजलाह - की भोरे भोरे अगत्ती सभक नाम लैत छह। हम कहलिऎन्ह – खट्टर...
✍ हरिमोहन झा (1948)
ओहि दिन खट्टर कका सॅं शास्त्रचर्चा छिडि गेल । बात ई भेलैक जे खट्टर कका चार छरबैत रहथि । हम कहलिऎन्ह - खट्टर कका, भदबे में छवनी करबैत...
✍ हरिमोहन झा (1948)
खट्टर कका पुराण देखैत रहथि । हमरा देखि पुछलैन्ह – हौ, कोम्हर जाइ छह ? हम कहलिऎन्ह - ब्रह्मस्थान पर भागवत भऽ रहल छैक । हम कहलिऎन्ह -...
✍ हरिमोहन झा (1948)
ओहि दिन ज्योतिषी मुसाइ झा हमरा ओहिठाम पतड़ा देखैत रहथि कि खट्टर कका भङघोंटना नेने पहुंचि गेलाह। हुनका देखितहि मुसाय झा अपन पोथी-पतड़ा...
✍ हरिमोहन झा (1948)
खट्टर कका कैं ओहि दिन भाङ्ग घोटैत पुरातत्व्क सनक सवार भऽ गेलैन्ह। दूर-दूर क बात फूरय लगलैन्ह। हमरा देखितहि सोर कैलन्हि- हौ, कहाँ जाइ छह?...
बबुआनीजी मोसम्मातिक एक मात्र कन्या छलथिन्ह । तेहन दुलरुआ बेटी जे बारह वर्ष धरि खबासक कान्हे पर चलथिन्ह । दूध मे छाल्ही कम बूझि पड़ैन्ह त...