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मैथिली डिजिटल पुस्तकालय

विद्यापति केर अमर पद सँ लऽ कऽ आधुनिक कथा, कविता, लोकगाथा आ बाल-साहित्य केर प्रामाणिक डिजिटल संग्रह।

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लोकगाथा 📖 69 अध्याय / भाग

गोनू झाक हास्य लोकगाथा

✍ गोनू झा

मिथिलाक प्रसिद्ध विदूषक गोनू झा केर बुद्धि, चतुराई, हाजिरजवाबी आ नीतिपरक मनोरंजक लोककथा संग्रह।

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रचना सूची (Individual Works & Chapters)

कुल 71 रचना
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अथ श्रीबैल कथा

✍ गोनू झा

"अरे वाह, पंडित जी ! बहुत शानदार बैल लिए जा रहे हैं ! कितने में मिला ?" गोनू झा अभी पशु मेले से निकले ही थे कि एक व्यक्ति ने उनसे पूछा ।...

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गोनूक कबुला

✍ गोनू झा

गोनू रहथि विद्वान लोक । ओ कखनो अंधविश्वास आ कि देवता-पितरक कबुला-पाती मे विश्वास नहि राखथि आ तें जन-सामान्य जकाँ देवता-पितर कें कोनो...

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माँ काली का वरदान

✍ गोनू झा

सभी जानते हैं कि गोनू झा माँ काली के परम भक्त थे। गोनू झा की श्रद्धाभक्ति से माँ काली प्रसन्न हो गईं। उन्होंने गोनू झा को दर्शन देने का...

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गोनूक बिलाड़ि

✍ गोनू झा

गोनू झाक बुद्धिमत्ताक लोहा सभ कियो मानैत छल । अपन बुद्धिमत्तेक बल पर ओ मिथिलाक राजदरवार मे आदर पबैत छलाह । एक बेर मिथिला नरेशक मोन मे...

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अपनों का सच

✍ गोनू झा

गोनू वृद्ध हो चले थे। महाराज के दरबार में वे एक हस्ती बन चुके थे। एक दिन महाराज ने अपने पिता की पुण्य तिथि पर एक आयोजन किया । बृहद आयोजन...

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गोनू झा और सच्ची गप्प

✍ गोनू झा

बात उन दिनों की है जब गोनू झा राजदरबार में नियुक्त नहीं हुए थे। तब वह गांव में खेती-बाड़ी करते थे और उनकी आर्थिक स्थिति कुछ खास नहीं थी।...

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स्वर्ग से वापसी

✍ गोनू झा

मिथिला महाराज के दरबार में गोनू झा का सम्मान दिनों -दिन बढ़ता जा रहा था । उनके बढ़ते प्रभाव से महाराज के दरबार के अन्य दरबारी उनसे ईष्या...

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गोनू झा के चतुराई

✍ गोनू झा

मिथिला नरेश केर सभा मे हुनक बचपन के मित्र परदेश ऐल छल। नरेश हुनका अपन अतिथि कक्ष मे लऽ गेलैथ। ओ अपन मित्र के खूब आवभगत केलैथ। अचानक...

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आतिशबाजी का सामान

✍ गोनू झा

मिथिला नरेश का दरबार लगा हुआ था । सभा में गोनू झा भी उपस्थित थे। एक व्यक्ति एक छोटे संदूक के साथ दरबार में आया तथा उसने महाराज से बताया...

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भाई को सीख

✍ गोनू झा

“देख भोनू ! मैं तुम्हारा बड़ा भाई हूँ । तुम्हारा भला ही सोचूँगा। यह घर हमारा है हम लोगों का है । घर की बात घर में रहने दे।... तुम्हें हो...

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गुलाबक सुगन्ध

✍ गोनू झा

मिथिला के हर घर के आँगन में बेला, चमेली, कचनार, जूही, कनक, कटेली चंपा, रातरानी सन फूल के पौधा भेटे जायत। एक दिन मिथिलाक राजा अपन...

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शुद्ध मिठाई का भोज

✍ गोनू झा

गोनू झा अपनी माँ से बहुत प्यार करते थे। उनकी माँ बहुत वृद्ध हो चुकी थीं । एक दिन उनकी माँ बीमार पड़ीं । वैद्य आए। उन्हें देखा। दवा दी ।...

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