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गोनूक सपना

लेखक: गोनू झा
⏱ 1 मिनट पाठ 👁 13 बेर पढ़ल गेल 📜 लिपि: Devanagari
टैग / विषय: #गोनू झा #लोकगाथा #हास्य-व्यंग्य #चतुराई #नीति-कथा
📖 पुस्तक / संग्रहक अंग

गोनू झाक हास्य लोकगाथा • अध्याय 34

📚 सम्पूर्ण अनुक्रमणिका (Contents)
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गोनू झा काली मायक बड्‌ड पैघ भक्त छलाह । ओना तँ संपूर्ण मिथिलांचल मे शक्तिपूजाक प्रधानता छैक, तथापि गोनू नित्य माताक पूजा करैत छलाह आ माताक प्रसादात्‌ ओ स्वस्थ आ प्रसन्नचित्त रहैत छलाह । हुनक बुद्धिमत्ताक लोहा नहि केवल गामे भरि मे वरन्‌ मिथिला राजदरबार सहित अन्यत्रो मानल जाईत छल । एकबेर स्वयं माता काली हुनक बुद्धिमत्ताक परीक्षा लेबाक निश्चय केलीह । माता काली स्वप्न मे गोनूक समक्ष प्रकट भेलीह आ अपन रूप अति भयंकर बना लेलनि । हुनका मात्र दूटा हाथ छलनि आ हजार गोट मूँह । गोनू उठलाह आ माता कें साष्टांग प्रणाम केलनि । किन्तु तत्क्षण किछु सोचि कें हुनका हँसी लागि गेलनि । हुनक शांत मुद्रा आ पुन: हँसीक आवाज सुनि माता काली कें कने अचरज भेलनि । ओ पुछि देलथिन्ह जे की अहाँ कें हमरा सँ डर नहि भेल? संगहि माता इहो प्रश्न केलनि जे अहाँ के हँसी किएक लागल? उत्तर मे गोनू बजलाह जे बाघ करबो भयंकर रहय, ओकरा देखि कें ओकर बच्चा नहि डेराईत अछि । आ हमहूँ तँ अहाँक पुत्र थिकहुँ तें अहाँ सँ डर लागबाक कोनो प्रश्ने नहि अछि । पुन: हँसीक विषय मे उत्तर देबा सँ पूर्व गोनू माता सँ क्षमा याचना कयलनि । माता हुनका क्षमा दान देलनि । तखन गोनू कहलाह जे हमरा एहि बातक आशंका बेर-बेर भऽ रहल अछि जे हमरा एकटा नाक अछि आ दूटा हाथ आ तखन जुकाम भऽ गेला पर नाक पोछैत-पोछैत परेशान भऽ जाइत छी आ अहाँ केँ १००० नासिका मे मात्र दूटा हाथ अछि, तँ जुकाम भऽ गेला पर अहाँ दूटा हाथ सँ १००० नासिका कोना पोछैत होयब । गोनूक ई उत्तर सूनि माता कें बड्‌ड हँसी लगलनि आ ओ बजलीह – गोनू अहाँ कें बुद्धिमत्ता आ वाकपटुता मे कियो नहि हरा सकत ई हमर आशीर्वाद अछि । ई कहि माता काली अदृश्य भऽ गेलीह ।
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गोनू झा

मिथिलाक जन-जनमे व्याप्त अमर विदूषक ओ प्रत्युत्पन्नमति पंडित। राजा शिवसिंहक समकालीन, हुनक चातुर्य कथा सर्वत्र विख्यात अछि।

व्यक्तित्व ओ रचनावली ➔

⚖ अनुज्ञप्ति, स्रोत एवं प्रामाणिकता (License, Provenance & Quality)

अनुज्ञप्ति: PUBLIC_DOMAIN — सार्वजनिक डोमेन (पारंपरिक लोककथा / लोकगाथा) • गुणवत्ता स्तर: समुदाय/परम्परा (Community/Heritage)

स्रोत विवरण / पाठ प्रामाणिकता: मूल मैथिली पाठ

मूल स्रोत (Original Source): https://hindikahani.hindi-kavita.com/Gonuk-Sapna-Maithili-Gonu-Jha.php

🎙️ वाचन / ऑडियो स्थिति: वाचन पाठ प्रत्याशी (Audio Recording Requested)

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